वर्ना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहां थी….!
छाव ठंडी ही दूंगा, बेशक पत्तो में कड़वाहट हो गई…!
जिससे हद से ज़्यादा प्यार करो, वो प्यार की क़द्र नहीं करता।
लेकिन मुझे सजा वहां मिली जहां, मैं वफादार था…!!!
तुम्हारे साथ भी बर्बाद थे तुम्हारे बाद भी बर्बाद हैं…!
जख्म दिल के पुराने, दर्द अभी भी ताज़ा है,
खाकर ठोकर ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
अकेलेपन पर शायरी लिखने के Sad Shayari in Hindi लिए अपने दिल की तन्हाई, खामोशी और दर्द को सरल शब्दों में व्यक्त करें।
दिल को छू लेने वाली शायरी वह होती है जो किसी के भी दर्द, तन्हाई या इमोशन से जुड़ जाए।
चार घर की दूरी है, और बीच में सारा जमाना है…!!!
हमारे भरोशे के तो सारे पत्ते जोकर निकले…!
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
कहो तो भेज दू अपना दिल फिर से दुखाने को।
अपनों की कमी नहीं फिर भी अकेला छोड़ गया